दाता मारा बड़ा धुरंधर
राघो - बाघो, चंट अर भोलो घर में करे है डॉन्यू रोलो दादी दिया दो चार गमेडा आसूं काडिया दोनू भेला बोल्या वे दाता ने जाए पुंचिया मुंडा धोतियां र माए कोनी रेनो माने ई ठोर घर में बैठा सगला ढोर चालो चाला भेरे आपां करला रोला खेला चांपा आप करजो उठे रुखाली ओ घर माने लागे भारी । दाता मारा बड़ा धुरंधर बात समझ फेंक्यों एक मंतर बोल्या चालों धूनी चाला धर मंझला रेे धर कुंचला पण पेल्या लेलो एक घोटो महादेव रे वेला टोटो एक पुडो धूप रो चावे बाबो इनमें खुश हो जावे वठे जाए तापा ला धूनी सगली मन्नतां रेला पूरी । ले दोन्या ने चाले आप हाथ में खुंडियों सर पे पाग कांधा माथे एक है गमचो साफ सुथरा धवल है मन सो जय शिव शंभो जय शिव शंकर तीन कोस रो है बस अंतर आडा खेत आर उबी कांकड़ दाता नावे ऊंट री खातर मैं डोन्यूं भी टाबर कोझा रेस लगाई ज्यान हो फोज्यां । पुग्या मिंदर करिया दर्शन महादेव ने जल कर अर्पण बाबा बैठा चिल्लम खिंचे दाता हाथे एक सरीखे चिलमों खिंची लीदो अमल तिजारो छण्यों हुआ सफ़ल मैं दोन्यू कुदड़का दिन्या कुत्ता देख्या भनगा मीन्या हींज्या भाजी रो टेम हे रेगो चालों ताबरां हे हुनों गेलो ।...
