ख़ाली जगह
वो देखो, वो जो खाली जगह है ना ,वहां है मेरा घर
उस जगह के उस तरफ सच, इस तरफ झूठ
दिखावा चारो और कुछ दूर पे फकीरी है
जब मन किया फ़कीर हो लें दिखावा कर लें ।
आसमा और जमीं के बीच की ख़ाली जगह है ये
यहां परिंदे उड़ने को आते है
यहीं वो सूरज की किरण मौज़ में रंगीन हो जाती है
बुलबुले, पतंगे, वो ख्वाब, बारिश की बूंदे, सब यहीं है।
कई तरीके है यहां आने के
बर्फ के गोले से लेकर मां की गोद तक
मेले के उस झूले से लेकर साईकिल की दौड़ तक
भाई की नई टीशर्ट चुराने, दोस्तों के साथ मज़े उड़ाने
वो गाना जो किसी की याद दे जाएं
या वो याद जो हमेशा जाने के बाद आए
कहानी सुनते हुंकार भरते नींद के साथ
ये सब रास्ते है मेरे इस घर के ।
वो देखो, वो जो खाली जगह है ना ,वहां है मेरा घर....

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