दाता मारा बड़ा धुरंधर



राघो - बाघो, चंट  अर भोलो
घर में करे है डॉन्यू रोलो
दादी दिया दो चार गमेडा
आसूं काडिया दोनू भेला
बोल्या वे दाता ने जाए
पुंचिया मुंडा धोतियां र माए
कोनी रेनो माने ई ठोर
घर में बैठा सगला ढोर
चालो चाला भेरे आपां
करला रोला खेला चांपा
आप करजो उठे रुखाली
ओ घर माने लागे भारी ।

दाता मारा बड़ा धुरंधर
बात समझ फेंक्यों एक मंतर
बोल्या चालों धूनी चाला
धर मंझला रेे धर कुंचला
पण पेल्या लेलो एक घोटो
महादेव रे वेला टोटो
एक पुडो धूप रो चावे
बाबो इनमें  खुश हो जावे
वठे जाए तापा ला धूनी
सगली मन्नतां रेला पूरी ।

ले दोन्या ने चाले आप
हाथ में खुंडियों सर पे पाग
कांधा माथे एक है गमचो
साफ सुथरा धवल है मन सो
जय शिव शंभो जय शिव शंकर
तीन कोस रो है बस अंतर
आडा खेत आर उबी कांकड़
दाता नावे ऊंट री खातर
मैं डोन्यूं भी टाबर कोझा 
रेस लगाई ज्यान हो फोज्यां ।

पुग्या मिंदर करिया दर्शन
महादेव ने जल कर अर्पण
बाबा बैठा चिल्लम खिंचे
दाता हाथे एक सरीखे
चिलमों खिंची लीदो अमल
तिजारो छण्यों हुआ सफ़ल
मैं दोन्यू कुदड़का दिन्या
कुत्ता देख्या भनगा मीन्या
हींज्या भाजी रो टेम हे रेगो
चालों ताबरां हे हुनों गेलो ।

हियाला रा दिन हा भाया
जल्दी जल्दी गया उझाला
घर पूग्या घण घोर अंधेरों
डायन बाई गाल्यो डेरो
खाल्यो रोटी पाछा आवो
पोल बारे माकन सो जाओ
दादी से थे करी लड़ाई
उन कन कोनी सोनो भाई
ठंडी हवा हे खुली गवाडी 
आओ सोने री करां तयारी ।

दौड़ लगाई घर में आया
अंधेरा में ज्यां भूत है भाया
आर ज़ोर सू दादी से लिपटा
राघा - भाघा, चंट्ट अर् भोल्या
दादी मन री बात गी जाण
हीरा रो भनियों पकवान
मज़ा उड़ाया धाप ने खाया
माचा माथे कूद पचाया
पचे आई भात री भारी
राजा रानी शेर शिकारी 
आई नींद हुंकारों भरता
डोन्यू टाबर गणा अनोखा ।

सूबे ढ़ोर बोबाडा करीया
मै डोनयु भी चेतन होया
निपत्या साथे फ़िर करी पुकार
दादी आओ धोदयो यार
बिलोना रो माखन आयो
सोगरा माथे लेर जंचायो
अब पाछा में चंट अर भोला
घर में चालू होग्या रोला
दादी दिया दो चार घमेडा
आसूं काडिया दोनू भेला
बोल्या वे दाता ने जाए
पुंचिया मुंडा धोतियां र माए
कोनी रेनो माने ई ठोर
घर में बैठा सगला ढोर
चालो चाला भेरे आपां
करला रोला खेला चांपा
आप करजो उठे रुखाली
ओ घर माने लागे भारी 
दाता मारा बड़ा धुरंधर
बात समझ फेंक्यों एक मंतर .....

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